दीपावली 2026 पूजा विधि और शुभ मुहूर्त | Bhakti Vibha

नमस्ते दोस्तों! 🙏

मैं हूँ Bhanu Pratap Singh और आज बात करेंगे उस त्योहार की जिसका इंतजार पूरे साल रहता है  दीपावली

जब मैं बच्चा था, दीपावली से कम से कम दस दिन पहले से ही घर में हलचल शुरू हो जाती थी। माँ घर की हर दीवार को धोती थीं, दादी पुराने दीये निकालकर साफ करती थीं और हम बच्चे रंगोली के रंग खरीदने के लिए बाजार भागते थे। उस समय दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं थी — वो एक पूरा अनुभव था, एक एहसास था जो दिल में गहराई से उतर जाता था।

आज जब बड़े हो गए हैं तो समझ आता है कि दीपावली का असली अर्थ क्या है। यह सिर्फ पटाखे और मिठाइयों का त्योहार नहीं है यह अंधकार पर प्रकाश की, अज्ञान पर ज्ञान की और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है।

आज इस लेख में मैं आपको दीपावली 2026 से जुड़ी हर जरूरी जानकारी दूँगा — तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, क्या करें क्या न करें — सब कुछ विस्तार से।


दीपावली 2026 कब है? — तारीख और पंचांग की जानकारी

दीपावली 2026 में कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाएगी।

दीपावली 2026 की तारीख: 8 नवंबर 2026 (रविवार)

दीपावली अकेली नहीं आती — यह पाँच दिनों के महापर्व का हिस्सा है जिसे "दीपोत्सव" कहते हैं:

दिनत्योहारतारीख 2026
पहला दिनधनतेरस6 नवंबर
दूसरा दिनछोटी दीपावली / नरक चतुर्दशी7 नवंबर
तीसरा दिनदीपावली8 नवंबर
चौथा दिनगोवर्धन पूजा9 नवंबर
पाँचवाँ दिनभाई दूज10 नवंबर

दीपावली का इतिहास और महत्व — जानें इसके पीछे की असली कहानी

दोस्तों, दीपावली क्यों मनाई जाती है — इस सवाल का जवाब एक नहीं बल्कि कई है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसके अलग-अलग कारण हैं।

🏹 भगवान राम का अयोध्या वापसी

सबसे प्रचलित कथा यह है कि जब भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके और रावण को परास्त करके अयोध्या लौटे तो पूरी नगरी ने दीये जलाकर उनका स्वागत किया था। उस रात कार्तिक अमावस्या थी यानी चारों तरफ घना अंधेरा था। अयोध्यावासियों ने दीपों से पूरी नगरी को जगमगा दिया।

जरा सोचिए उस पल को — 14 साल बाद अपने प्रिय राम को देखकर अयोध्या की प्रजा ने कैसा महसूस किया होगा। वो खुशी शब्दों में नहीं आती — और शायद इसीलिए उन्होंने दीपों की भाषा में वो खुशी व्यक्त की।

🪔 माँ लक्ष्मी का प्रकटोत्सव

एक और मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या को ही समुद्र मंथन के दौरान माँ लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। इसलिए इस दिन माँ लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है।

💪 नरकासुर वध — छोटी दीपावली की कथा

दीपावली से एक दिन पहले जो छोटी दीपावली या नरक चतुर्दशी होती है उसके पीछे भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर राक्षस के वध की कथा है।

📚 महावीर स्वामी का निर्वाण

जैन धर्म में दीपावली के दिन तीर्थंकर महावीर स्वामी का निर्वाण हुआ था। इसलिए जैन समुदाय के लिए भी यह दिन अत्यंत पवित्र है।

इन सभी कथाओं का एक ही संदेश है — प्रकाश अंधकार को हमेशा जीतता है।


दीपावली के पाँच दिनों का पहला दिन धनतेरस 

धनतेरस दीपावली का पहला और बेहद महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था — जो आयुर्वेद के देवता और अमृत के दाता माने जाते हैं।

धनतेरस पर क्या करें:

इस दिन बर्तन, सोना, चाँदी या कोई नई वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी में 13 गुना वृद्धि होती है। यह भी माना जाता है कि इस दिन यमराज के नाम पर घर के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक जलाना चाहिए — ताकि परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से रक्षा हो।


दीपावली 2026 का शुभ मुहूर्त — लक्ष्मी पूजन का सही समय

दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए मुहूर्त बेहद महत्वपूर्ण है। पूजन प्रदोषकाल में होना चाहिए — यानी सूर्यास्त के बाद का समय।

दीपावली 2026 लक्ष्मी पूजन मुहूर्त:

पूजन काल

समय

प्रदोषकाल मुहूर्तशाम 5:42 बजे से रात 8:13 बजे तक
निशीथकाल मुहूर्तरात 11:29 बजे से 12:23 बजे तक
महानिशीथकालरात 12:23 बजे से 2:11 बजे तक

सामान्य गृहस्थों के लिए: प्रदोषकाल यानी शाम 6 बजे से रात 8 बजे के बीच पूजन करना सबसे उचित और सुविधाजनक है।

व्यापारियों और दुकानदारों के लिए: वे महानिशीथकाल में भी पूजन कर सकते हैं।


दीपावली पूजा विधि — Step by Step संपूर्ण जानकारी

दोस्तों यह वो हिस्सा है जिसके लिए आप इस लेख को पढ़ रहे हैं। मैं Bhanu Pratap Singh आपको वही विधि बताऊँगा जो हमारे घरों में पीढ़ियों से चली आ रही है और जो शास्त्रों में भी वर्णित है।

🧹 पूजा से पहले की तैयारी

घर की सफाई: दीपावली से कम से कम तीन-चार दिन पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें। यह सफाई केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक भी है — पुरानी, टूटी-फूटी और अनुपयोगी वस्तुएं घर से बाहर करें।

रंगोली: घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं। रंगोली माँ लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक है। उदाहरण के तौर पर — कमल का फूल, स्वस्तिक या माँ लक्ष्मी के चरण-चिह्न बनाएं।

दीये: मिट्टी के दीये लें और उन्हें पानी में भिगोकर सुखाएं। शाम को उन्हें घी या सरसों के तेल से जलाएं।

पूजन सामग्री:

  • माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति /चित्र
  • लाल कपड़ा (आसन के लिए)
  • कलश, जल, आम के पत्ते, नारियल
  • रोली, मोली, अक्षत (चावल), हल्दी
  • फूल और फूलमाला
  • पाँच प्रकार के फल
  • मिठाई — खासकर खीर और बताशे
  • धूप, दीप, अगरबत्ती
  • कमल गट्टे की माला (जप के लिए)
  • व्यापारी हों तो बही-खाता और कलम भी

🪔 पूजा विधि

Step 1 — स्नान और वस्त्र: शाम को पुनः स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। लाल या पीले रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।

Step 2 — पूजा स्थान तैयार करें: एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर चावल से अष्टदल (आठ पंखुड़ियों वाला कमल) बनाएं और उस पर माँ लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।

Step 3 — कलश स्थापना: कलश में जल भरकर, आम के पत्ते रखकर और नारियल स्थापित करके पूजा स्थान के पास रखें।

Step 4 — गणेश पूजन: सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। उन्हें रोली, अक्षत, फूल और मोदक अर्पित करें।

गणेश मंत्र: "ॐ गं गणपतये नमः"

Step 5 — लक्ष्मी पूजन: अब माँ लक्ष्मी की पूजा करें। उन्हें कमल के फूल, खीर, बताशे और मिठाई अर्पित करें।

लक्ष्मी मंत्र: "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः"

Step 6 — कुबेर पूजन: व्यापारी और गृहस्थ दोनों के लिए धन के देवता कुबेर की भी पूजा करें।

कुबेर मंत्र: "ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा"

Step 7 — आरती: माँ लक्ष्मी की आरती गाएं। पूरे परिवार के साथ मिलकर आरती करें।

Step 8 — दीप प्रज्वलन: घर के हर कोने में, हर दरवाजे पर, छत पर और आँगन में दीये जलाएं। मान्यता है कि जितने अधिक दीये जलाएंगे, माँ लक्ष्मी उतनी प्रसन्न होती हैं।


दीपावली पर क्या करें और क्या न करें

✅ करें:

  • घर में माँ लक्ष्मी के आगमन के लिए द्वार खुले रखें
  • पड़ोसियों और जरूरतमंदों को मिठाई बाँटें
  • दीये मिट्टी के ही जलाएं — यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर है
  • परिवार के साथ मिलकर पूजा करें
  • घर में सकारात्मक माहौल बनाएं

❌ न करें:

  • बहुत अधिक पटाखे न जलाएं — वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण दोनों से बचें
  • जुआ खेलने की परंपरा को बढ़ावा न दें
  • शराब का सेवन न करें — यह एक पवित्र दिन है
  • देर रात तक पटाखे न जलाएं — बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें
  • उधार लेकर खर्च न करें

दीपावली और पर्यावरण — एक जरूरी बात

दोस्तों, मैं Bhanu Pratap Singh यहाँ एक बात खुलकर कहना चाहता हूँ।

दीपावली का असली अर्थ है प्रकाश फैलाना — न कि धुआँ। लेकिन आज के समय में पटाखों से होने वाला प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है।

मेरा आग्रह है — इस दीपावली पर मिट्टी के दीयों से घर जगमगाएं, अपने हाथों से रंगोली बनाएं, घर पर मिठाई बनाएं और परिवार के साथ समय बिताएं। यही असली दीपावली है।

एक छोटा सा उदाहरण — यदि आपके मोहल्ले के सभी घर 100-100 दीये जलाएं और पटाखे न जलाएं, तो भी पूरा मोहल्ला जगमगा उठेगा — और सुबह हवा भी साफ रहेगी।


दीपावली की रात घर में माँ लक्ष्मी के आगमन के संकेत

हमारे बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि जिस घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है वहाँ कुछ विशेष बातें दिखती हैं:

घर हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रहता है। परिवार के सदस्यों में प्रेम और सामंजस्य होता है। घर में मेहमानों का स्वागत हमेशा उत्साह से होता है। परिवार के सभी सदस्य परिश्रमी होते हैं।

यानी माँ लक्ष्मी केवल दीपावली की रात नहीं आतीं — वे वहाँ वास करती हैं जहाँ स्वच्छता, परिश्रम, ईमानदारी और सकारात्मकता होती है।


दीपावली 2026 के शुभ मुहूर्त और पंचांग की विस्तृत जानकारी के लिए Drik Panchang पर जाएं।


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अंत में 

दोस्तों, दीपावली हर साल आती है। लेकिन हर दीपावली एक नया मौका लेकर आती है — पुरानी बातें भूलकर नई शुरुआत करने का, रिश्तों को मजबूत करने का और जीवन में नई रोशनी लाने का।

इस दीपावली पर बस एक काम जरूर करें — अपने किसी पुराने मित्र को या किसी रिश्तेदार को जिनसे लंबे समय से बात नहीं हुई — उन्हें फोन करें, मिलने जाएं और एक मिठाई का डिब्बा लेकर जाएं। यही असली दीपावली है।

इस दीपावली आपके घर में सुख, समृद्धि और शांति का प्रकाश सदा बना रहे। 🪔

जय माँ लक्ष्मी! 🙏

— Bhanu Pratap Singh, Bhakti Vibha

Disclaimer:

 इस लेख में दीपावली से संबंधित जो तिथियाँ और मुहूर्त दिए गए हैं वे पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित हैं। अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग या पुरोहित से पुष्टि अवश्य करें। Bhakti Vibha किसी भी व्यक्तिगत परिणाम के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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